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फेफड़ों के कैंसर की पहचान

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फेफड़ों के कैंसर की पहचान

  • Medically reviewed by
    Dr. Parveen Yadav
    18+ Yrs Exp | 5,700+ Thoracic & Robotic Cancer Surgeries
  • Nov 28, 2023

फेफड़ों के कैंसर की पहचान: 4 संकेत जो आपको सावधान करने की दिशा में मदद कर सकते हैं

क्या आपको भी बार बार सांस लेने में तकलीफ होती है? क्या आपकी खांसी रुक नहीं रही? अगर ये लक्षण लम्बे समय से दिख रहे है तो आपको सावधान हो जाना चाहिए।  

हो सकता है आपको lung cancer की परेशानी हो। ये विश्व में सबसे ज्यादा death का कारण बन चुका है। लगभग 1.8 मिलियन लोग हर साल इसके शिकार होते है।  ज्यादातर cases में लोगों को इसका पता देर से चलता है तब तक काफी देर हो जाती है। घबराइए मत। 

हम आज के इस article में फेफड़ों के कैंसर के बारे detailed में चर्चा करेंगे और आपको हर उस छोटे से छोटे संकेत के बारे में बताएंगे जिसके जरिये आप lung cancer का पता लगा सकते है।

Latest Blog: फेफड़ों के कैंसर के खिलाफ जागरूकता: वास्तविकता की ओर एक कदम

क्या होता है फेफड़ों का कैंसर (Lung Cancer In Hindi)

हमारे फेफड़े हमारे जीवन रक्षक होते है ये हमे सांस लेने में help करते है।  पर कभी कभी कुछ कारको की वजह से इनमे कुछ बदलाव हो जाता है जैसे कोशिकाओं में अनियंत्रित वृद्धि आदि। जिसके कारण हमारे lungs में tumor बन जाता है। इनका प्रभाव हमारी breathing capacity पर पढता है।

फेफड़ों के कैंसर के मुख्य कारण क्या-क्या है?

फेफड़ों के कैंसर के कई कारण होते हैं। यहाँ पर एक एक करके हम उनके बारे में detail में जानेंगे। 

Smoking: धूम्रपान lung cancer का सबसे मुख्य कारण है। सिगरेट, बीड़ी, सिगार, या हुक्का पीने से फेफड़ों में कैंसर होने का जोखिम अधिक होता है। साथ ही ऐसे लोगो के संपर्क में रहने जो लगातार smoking कर रहे है इससे भी lung cancer होने के chances बढ़ जाते है इसे passive smoking कहते है। 

Air pollution: लगातार धुए भरे माहौल में रहने से भी lung cancer का risk बढ़ जाता है। आजकल हवा में प्रदूषण ज्यादा है जो की धुए के सामान है इनमे PM2.5, नाइट्रोजन डायओक्साइड (Nitrogen Dioxide) और अन्य गैसें फेफड़ों के कैंसर का जोखिम बढ़ा देने वाले तत्व ज्यादा है।

Chemical factories: बहुत सी chemical बनाने वाली companies अपना chemical waste बाहर छोड़ देती है जिसमे अस्बेस्टोस (asbestos), आरसेनिक (arsenic), क्रोमियम (chromium), निकेल (nickel), और काला कोयला (black coal) जैसे खतरनाक तत्व होते है ये तत्व धूल संपर्क में आने से फेफड़ों के कैंसर का जोखिम और ज्यादा बढ़ता है। 

पहले से फेफड़ों से जुड़ी बीमारी का होना: अगर आपको पहले भी को फेफड़ो से जुड़ी बीमारी हुई थी जैसे Tuberculosis (टीबी) तो समय समय पर check up करवाते रहे क्योकि ऐसे लोगो में lung cancer की सम्भावना बढ़ जाती है। 

Genetic कारण: अगर आपके परिवार में किसी को कभी lung cancer हुआ था तो हो सकता है ये आने वाली generation को भी प्रभावित करें। 

इन सभी के अलावा भी कुछ अन्य risk भी हो सकते हैं। इसलिए, यदि किसी को फेफड़ों के कैंसर का शक हो, तो तुरंत Dr. Parveen Yadav की सलाह ले जरा सी भी देरी न करें। 

4 संकेत जो आप सुबह उठते ही देख सकते हैं

फेफड़ों के कैंसर की पहचान अधिकतर मामलों में देर से होती है, जिसके कारण उपचार में भी समस्या होती है। अगर समय रहते इस बीमारी का पता लगा लिया जाए, तो इस घातक बीमारी का समय रहते उपचार संभव हो सकता है। 

नीचे हमने कुछ संकेतों के बारे में बताया है जो आप सुबह उठते समय अपने शरीर में देख सकते हैं:

अनचाही वजन घटना (Sudden weight loss): अगर आपका वजन बिना किसी कारण के लगातार कम हो रहा है, तो यह फेफड़ों के कैंसर का संकेत हो सकता है। 

लगातार खांसी (Extreme cough): अगर आपको 2 से 3 सप्ताह से अधिक समय तक खांसी हो रही है, और खासते समय blood आ रहा है, तो यह मुमकिन है की आपको फेफड़ो से जुड़ी बीमारी है। 

सांस लेने में परेशानी (Difficulty in breathing): वैसे तो आमतौर पर हर किसी को कभी कभी सांस लेने में तकलीफ होती है पर कुछ लोगों में ये समस्या लगातार होती है।  यदि ऐसा है तो हो सकता है आपको lung cancer हो। 

छाती में अचानक दर्द उठना (Chest pain): यदि आपको लगातार सीने में दर्द रहता है, जो गहरी सांस लेने पर बढ़ता है, तो यह भी कैंसर का संकेत हो सकता है। 

किसी भी संकेत को नज़रअंदाज़ न करे तुरंत Dr. Parveen Yadav से checkup और treatment करवाए। 

फेफड़ों के कैंसर का निदान

यदि आपको लगता है की आपको फेफड़ों के कैंसर (lung cancer) है खुद से कुछ भी निर्णय न ले।  बल्कि doctor से मिले। Doctor सही बीमारी का पता लगाने के लिए कुछ test करते है जैसे Chest X-Ray, कंप्यूटेड टोमोग्राफी (CT) स्कैन, Biopsy, Positron emission tomography (PET) स्कैन आदि। इन जांचों से cancer की पहचान और उनकी स्थिति का पता चलता है, जो उपचार की योजना बनाने में महत्वपूर्ण होता है।

फेफड़ों के कैंसर का उपचार के तरीके 

फेफड़ों के कैंसर का treatment उसके प्रकार, चरण और patient की स्वास्थ्य स्थिति, और अन्य कई कारकों पर निर्भर करता है। नीचे हमने कुछ treatment के बारे में बताया है जो फेफड़ों के कैंसर के मामले में आमतौर पर किए जाते हैं:

Surgery: यदि कैंसर initial stage में है, तो उसे surgery करके ठीक किया जा सकता है, इससे पूरी तरीके से ठीक होने के chances बढ़ जाते है।

Chemotherapy: इसमें विशेष रसायनिक दवाओं का उपयोग करके cancer cells को रोकने का प्रयास किया जाता है। यह दवाएं tumor को बढ़ने से रोक देती है।

Radiotherapy: यह एक ऐसा treatment option जो काफी effective माना गया है। इसमें उच्च ऊर्जा वाली X-ray का उपयोग करके cancer cells को नष्ट किया जाता है।

इनके अतिरिक्त targeted therapy और immunotherapy जैसे उपचार भी उपलब्ध है। जो lung cancer के treatment में काफी प्रभावी साबित होते है। यह महत्वपूर्ण है कि रोगी और उनके परिवार के सदस्य doctor से उपचार के विकल्प, संभावित लाभ, और संभावित side effects के बारे में पूरी तरह से बातचीत करें और उसके बाद फैसला ले।

निष्कर्ष 

जैसा कि हमने पूरे blog में देखा, कुछ सामान्य संकेत हैं जिन्हें हम अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यह संकेत फेफड़ों के कैंसर (lung cancer) के विकास की पहचान में सहायक होते हैं। 

यदि हम इन संकेतों को समय रहते पहचान लें, तो treatment में अधिक सफलता प्राप्त हो सकती है। याद रहे सिर्फ उपचार नहीं बल्कि सही समय पर किया गया उपचार ही आपको किसी भी बीमारी से बचा सकता है। अगर आप भी फेफड़ों के कैंसर जैसी भयंकर बीमारी से परेशान है तो आज ही Chest Surgery India से संपर्क करें।

 

Dr. Parveen Yadav

Dr. Parveen Yadav

18+ Yrs Exp | 5,700+ Thoracic & Robotic Cancer Surgeries

Dr. Parveen Yadav is a Director and Senior Consultant in Thoracic and Surgical Oncology, specializing in minimally invasive and robotic lung and esophageal surgeries, with advanced training from AIIMS and Tata Memorial Hospital.

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